.               मात नमन हम करें सदा ही, हमको  शिक्षा दान  दो। पढ़ लिख सीखें तमस मिटाएँ, ज्ञान  का  वरदान  दो। अज्ञानता को दूर कर माँ, ज्ञान का  पथ  भान दो। पित,मात,गुरु सेवा करूँ माँ , भाव   संगत   मान  दो। .           ~~~~~~~ मात शारदे वंदन गाता, चरण कमल पखारता। तरनी तार […]

श्री अटल भारत भू प्रिय मनुज, शान सत अरमान है। जन जन हृदय सम्राट बन कवि, ध्रुव बने असमान है। नहीं भूल इनको पाएगा, देश का अभिमान है। नव जन्म भारत वतन पर है , या हुआ अवसान है। .                 ~~~~~ हर भारत का भरत नयन भर, अटल की कविता […]

1. *पर्यावरणहिं* मान सब,धरा और असमान। धरती के  चारो  दिशा, बने बनाव  अमान।। 2. पंच तत्व *पर्यावरण*,क्षिति जल गगन समीर। पावक  मय  संसार सब ,समझे   सोई  धीर।। 3. जीवन धन *पर्यावरण* पेड़ और सब वन्य। जंगल बिन मंगल नहीं, मानव हो कर्मन्य।। 4. स्वच्छ रहे  *पर्यावरण* तभी सिरजते प्रान। सजग […]

आओ सैर कराँ दौसा की, नामी बड़गूजर धौंसा की। सूप सा किल्ला दौसा की, नीलाकंठाँ   दौसा     की। गाँवा कस्बाअर् शहराँ की, देव  नगरी  दौसा ..की. यातो जिलो बड़ो ही  नामी, ईंका माणस  भी सर नामी। पचपन याद करै बचपन की मनसां पढ़ बा लिख बा की। आपणै    साक्षर दौसा  की, […]

1. पालन पोषण पेड़ प्रिय,परम्परा पितभाँति। पर्यावरण प्रतीत पर, पंछी पथिक  पदाति।। 2. पौरुषपथ पहचान पुरु,पूत पेड़ प्रतिपाल। प्रतिघाती पर्यावरण, पातक  पड़े पताल ।। 3. पल पल प्रण पूरा पड़े,पर्यावरण प्रदाह। पान पताशा पाहुना, पूजन पेड़  प्रवाह।। 4. पेड़ पर्वती पर्यटन, पथजलीय पतवार। परमेश्वर पति पार्वती,पर्यावरण प्रसार।। 5. पेड़ परिक्रम […]

सितारे साथ होते तो सोचो क्या दिशा होती सभी विपरीत ग्रह बैठे मगर मैं फिर भी जिन्दा हूँ। पटका आसमां से हूँ जमीं ने मुझको झेला है मिली है जो रियासत भी नहीं,खुद से शर्मिन्दा हूँ। न भाई बहन मिलते है न सगे सम्बन्धी मेरे तो न पुख्ता नीड़ बन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।