मेरी माँ ने एक बार कहा था , बेटे जहा गणतंत्र का झंडा , फहराया जाये , 26 जनवरी को , वहा ! उस जश्न मे मत जाना , उस झण्डे के नीचे मत जाना , ये सफेदपोश , उस झण्डे को दागदार कर दिये है , हर साल इसकी […]

आगरा | यूथ हॉस्टल (आगरा) के सभागार में बृजलोक साहित्य, कला, संस्कृति अकादमी व विश्वशांति मानव सेवा समिति के संयुक्त बैनर तले एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया | जिसमें साहित्य, कला, समाज सेवा, पत्रकारिता जगत की प्रतिष्ठित विभूतियों को सम्मानित किया गया | कार्यक्रम में जनपद के महापौर […]

वो क्रांति वीर जलता रहा अंधेरों से लड़ता रहा। ले स्वराज का दीपक गांधी जी के संग चलता रहा। पर प्रण लिया कठोर अधिकार हमको चाहिए, भीख नही हमको स्वराज ही चाहिए। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा, जकड़ी है जंजीरों में हमारी मां भारती को मैं मुक्त […]

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को जानकी नाथ बोस के यहा उड़ीसा में कटक शहर में हुआ था, उनके पिताजी वकील थे, माता का नाम प्रभात देवी था, 1913 मे उन्होने आर्ट्स कॉलेज की मे पढ़ाई की शुरुआत की और कलकता की प्रेसीडेंसी कॉलेज में दाखिला लिया, […]

शिक्षा के मन्दिर मे , बलात्कार करते हो तुम, गुरु के पवित्र नाम पर , कलंककित होते हो तुम, हे भारत के ज्ञान दाता , ज्ञान के मन्दिर को , बेटियों की इज्जतो से खेलते हो तुम , गुरु के नाम को बदनाम के रंग से रगते हो तुम, लड़कियो […]

स्त्री का एक भी पल स्वयं का नहीं है , स्त्री जिसका कुछ भी नहीं है अपने लिए, हमेशा सब कुछ किया जिसने सबके लिए, जैसे पूरा आकाश मिल जाता है, जब स्त्री को मातृत्व का सुख मिल जाता है, उसका एकांत क्षण नहीं होता अपने लिए, स्त्री जब मां […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।