दस साल का रोहित अपने पड़ोस में सभी का और अपने घर में सभी का प्यारा था। आसपास के लोग और खुद उसके घर के लोग भी उससे बहुत प्यार करते थे।आस पड़ोस में सबसे अधिक प्यार तो रोहित को पड़ोस में रहने वाली आँटी वीना करती थी। वीना आँटी […]

करते है भाई करते है,सब अपना अपना काम। चाहेगा जब ऊपर वाला,तभी होगा तेरा नाम।। नंगे पांव धूप में दिन रात करते है कुछ लोग काम। कुछ लोगो की किस्मत में धन बहुत,चाहे करे वो आराम।। भाग्य जब तेरे साथ में,धन संपत्ति आएगी आपार। भाग्य धोखा दे अगर,कुछ भी न […]

जब ना लिख पाया कोई भी,अपनी किताब ए गुनाह । हमने कर ली तैयारी लिखेंगे ऐसा जो खुद को कर ले फनाह ।। अपने ही माँ बाप के दर्दो को मैं बाट ही ना पाया । जब जरूरत पड़ी उन्हें,मैं अपनी सहूलियत से उनके काम आया।। जिन्होंने मुझे बड़ा करने […]

रमेश बचपन मे जब चिराग के जिन्न की कहानियां पढ़ता था तब ऐसा लगता था कि काश ये चिराग कही से मिल जाये तो मजा आ जाये। बचपन मे सपने भी ऐसे ही आते थे जैसे काया कल्प करने वाला जिन्न बस जीवन मे मिलने ही वाला है।पर सपने कहाँ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।