बहन ने प्यार से धागा ,           जो बाँधा ये इरादा है। मेरा भैया सुरक्षित हो ,          यही अरमान साधा है। हमेशा आप ही करना              मेरी रक्षा मेरे भैया। बड़ी जालिम है ये दुनिया ,   […]

परम पुनीता पावन बंधन, प्रिय प्राणों से ज्यादा, बहना माँग रही है मुझसे, निज रक्षा का वादा। थाल सजाकर लाई बहना, दीपक मधुर जलाया, और भाल पर उसने मेरे, कुंकुम तिलक लगाया। नख-शिख तक फिर करी आरती, मंगल रहा इरादा, बहना मांग रही है मुझसे, निज रक्षा का वादा। केशरिया […]

धुँधली शक्ल का दोष,आईने पर लगा दिया, आईने को तोड़कर उसने,धूल में मिला दिया। सोचा नहीं वह बेजान,खामोश शीशा है, टूटकर भी आईने ने,संभलना सिखा दिया। कहता रहा तू आईने को,मेरा गुलाम है, तेरे गुरुर को उसने,मिट्टी में मिला दिया॥                     […]

रहें सलामत सबके भैया,सबको दुआ हजार। सजे कलाई हाथ सभी के राखी के त्यौहार॥ अमर भाई-बहना का प्यार…। धूप दीप रोली चंदन की थाली लिए खड़ी बहना। बाँधेगी निज प्यार कलाई छोटी और बड़ी बहना॥ एक अनोखे बँधन का है, यह पावन त्यौहार… अमर भाई-बहना का प्यार…॥ रेशे-रेशे में धागे […]

प्रहार रोज संस्कृति पर,होता रहा है रोज। बैठ न चुप्पी साधकर,शीघ्र ईलाज खोज॥ आज ‘रक्षा बंधन’,भारत जन-मन संस्कार। प्रण ठानें सहोदर, रोकन बहन पर प्रहार॥ भागो न दूर बहन से,वह संस्कृति की शान। वह खतरे से रो रही,दिला उसे सम्मान॥ तजें मौन बहन पर,हम होतें न हो अभाग। उठा कठोर […]

राखी पर्व महान है,बहन लुटाती प्यार। वह धागे से बांधती, रक्षा सूत्र अपार॥ रक्षा सूत्र अपार, सजाकर सुन्दर थाली। होते भाई प्रसन्न,लगे न जेब हो खाली॥ कह बिनोद कविराय, दिखे बत्तीसी झाँखी। खुले हृदय के द्वार, बहन जो बाँधे राखी॥                     […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।