अक्षरों की आराधना से शब्दों का सामर्थ्य बनता है, और वही शब्द मिलकर अभिव्यक्त करते हैं मन के प्रकाश को, मनोभावों को, संवेदना और सत्य को, शाश्वत और अटल को, जागरण और अभिव्यक्ति को, जन की पीड़ा को, मानस के संवेग को, प्रेम को, विरह को, शृंगार को, आह्लाद को, […]

संस्मय प्रकाशन ने किया वर्ष 2026 में प्रकाशित नई दिल्ली। भारत मण्डपम में आयोजित 53वें विश्व पुस्तक मेले में हॉल 2 में संस्मय प्रकाशन के स्टॉल R-36 पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की पुस्तक काव्य पथ का गुजराती अनुवाद ‘કાવ્ય પથ’ का लोकार्पण राष्ट्रीय […]

आज़ाद कहने लगे ख़ुद को, ख़ुद को मान बैठे हैं हम आज़ाद। पर किससे मिली आज़ादी हमको? यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है। न हमें धार्मिक उन्माद से आज़ादी मिली, न धर्म पालने की आज़ादी मिली, न भूखे बच्चे रोना बन्द हुए, न सड़कों पर भिक्षा माँगती स्त्री हटीं, न […]

बहती हुई नर्मदा की धारा, नदी तट के घाट, गाँव के मन्दिर और मोहल्ले, और न जाने क्या-क्या! अरे! घुमावदार रास्ते और गाँव की पगडंडियाँ, उनमें एक चढ़ाव-उतार वाली गली। गाँव में प्रेम से चाय पिलाते लोग, अमाड़ी की भाजी और रोटी ज्वार की, मीठी गट चाय और पाती मनुहार […]

इन्दौर। हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए एक दशक से सतत् सक्रिय डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ को नईदिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में किसान नेता एवं भारतीय मज़दूर संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता अश्विनी दुबे एवं प्रभासाक्षी के सम्पादक नीरज दुबे ने प्रभासाक्षी के 23वें […]

इन्दौर। हिन्दी तन मन, हिन्दी जीवन के भाव के साथ एक दशक से लगातार हिन्दी के प्रचार-प्रसार और विस्तार में जुटे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ को वर्ष 2024 का हिन्दी सेवी सम्मान नईदिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 6 दिसम्बर को प्रदान किया जाएगा। देशभर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।