संजा पर्व मालवा , निमाड़ ,राजस्थान ,गुजरात के क्षेत्रों में कुंवारी कन्याए गोबर से दीवार पर सोलह दिनों तक विभिन्न कलाकृतियाँ बनाती है तथा उसे फूलों व् पत्तियों से श्रंगारित करती है वर्तमान में संजा का रूप फूल -पत्तियों से कागज में तब्दील होता जा रहा है ।माता पार्वती की […]

लेखिका ज्योति जैन ने स्त्री विमर्श के आधुनिक बोध और  समकालीन यथार्थ को सेतु संग्रह में बेहतर तरीके से लिखा है । और यही बात को लेखिका ने सेतु के माध्यम से समझाई भी है-साहित्य रचनेवाला किसी भी क्षेत्र या भाषा  का हो, उसका साहित्य उसके व् पाठकों के बीच सेतु का […]

मनावर जिला धार (मप्र ) के वरिष्ठ कवि श्री शिवदत्त जी “प्राण ” ने लगभग 60 वर्ष पूर्व गणेश जी की स्वरचित आरती लिखी थी जो पूरे मनावर एवं  आसपास के क्षेत्रों  में संगीत के साथ आज तक ये ही आरती गणेशउत्सव पर गाई जाती है- आरती गजानन जी की ,पार्वती […]

मध्यप्रदेश  में आचार्य श्री १०८ विद्यासागर जी के चार्तुमास के मंगल कलश की स्थापना के उपलक्ष्य में संजय जैन मुंबई द्वारा गुरु भक्ति और शिष्य की पुकार का ये भजन आप सभी लोगो के प्रति समर्पित है / जिसमे भक्त और शिष्य अपने गुरु से प्रार्थना कर रहा है, की […]

बचपन की यादो को भूलाया जा नहीं सकता / दादा दादी नाना नानी का प्यार, कभी भी दिल दिमाग से मिटाया जा नहीं सकता / अपनो का प्यार कैसा भी रहा हो , पर उसे जीवन के पन्नो से भुलाया जा नहीं सकता  / बड़ी मुश्किल में हूँ, कैसे इज़हार […]

प्यार करो ऐसा की नाम हो जाये / नाम करो ऐसा की जुबान पर लोगो के आ जाये / मिलो लोगो से ऐसे की, वो भूलना पाएं / छाप छोडो ऐसी, की हर दिलो में, तस्वीर बन जाये / फिर वो, जीवन पर्यन्त आपको भूलना पाएं / प्यार करो ऐसा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।