प्यार वाला गुस्सा

0 0
Read Time1 Minute, 46 Second

kishor saklani

तू क्या जाने तुझे कितना प्यार करूँ मैं,

इक बार नहीं ,सौ बार करूँ मैं |
गुस्सा तुमसे  करता हूँ अपना समझ के,

इस बात का डर लगता है,

दूर न हो जाओ कहीं तुम मुझसे|

दूर न होना  मुझको तुम  बेगाना समझ के,

जीना मुश्किल हो जाएगा बिछुड़  के तुझसे|
तू क्या जाने तुझे प्यार करूँ  मैं,

इक बार नहीं,सौ बार करूँ मैं |

 

प्यार भी तुमसे,तकरार भी तुमसे,

नाराज न होना तुम प्रिये,

मेरी जिंदगी की बहार है तुमसे|

भूलकर भी साथ न छोड़ना,

पागल हो जाऊंगा,

अगर जो टूट गई जिंदगी की डोर  तुमसे|

 

तू क्या जाने तुझे कितना प्यार करूँ मैं ,

इक बार नहीं,सौ बार करूँ मैं |

मैं गुस्सा करता हूं, तो तुम उदास होती हो ,

अकेले में तुम सिसक-सिसक के रोती हो|

तुम भी ना रोती मेरे गुस्से पे अगर पता होता तुमको,

परवाह तुम्हारी हर पल रहती मुझको,

हर पल  दिल में होती हो |
तू क्या जाने तुझको कितना प्यार करूँ मैं,

इक बार नहीं,सौ बार करूँ मैं |

                                                     #किशोर सकलानी

परिचय :२६ वर्षीय किशोर सकलानी उत्तराखंड के चम्पावत जिले के सकदेना गाँव में रहते हैं | आपकी शिक्षा १२वीं तक हुई है| वर्तमान में दिल्ली के जहाँगीर पूरी में निवास है| स्टील पाइप के कारखाने में पर्यवेक्षक पद पर कार्यरत हैं|

 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सनम

Fri Aug 4 , 2017
वक़्त फिर किस्मत पे भारी हो गया है, चाँद रातों का शिकारी हो गया है॥ बादशाहत ख्वाब की जागीर थी बस, इश्क़ में ये मन भिखारी हो गया है॥ अनमनी-सी नाचती है जिंदगी भी, झूठ उनका जो मदारी हो गया है॥ पाई-पाई बेच देंगे इस खुशी में, के सनम मेरा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।