मातृभाषा काव्य उत्सव में हिन्दी कविताओं का हुआ पाठ

1 0
Read Time3 Minute, 9 Second

डॉ. पद्मा सिंह भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित

मातृभाषा एवं इन्दौर टॉक ने मनाया हिन्दी महोत्सव

इन्दौर। कवि सम्मेलन शताब्दी वर्ष निमित्त हिन्दी महोत्सव 2023 के उपलक्ष्य में बुधवार को मातृभाषा डॉट कॉम एवं इन्दौर टॉक ने काव्य उत्सव आयोजित किया, जिसमें कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से हिन्दी कविताएँ सुनाईं।
कार्यक्रम में अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पद्मा सिंह जी ने की।


स्वागत संबोधन मातृभाषा के संस्थापक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने दिया। अतिथि स्वागत इन्दौर टॉक के संस्थापक अतुल तिवारी ने किया।
काव्य उत्सव में डॉ. पद्मा सिंह को भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया गया।

काव्य उत्सव में संध्या राणे, अनुपमा समाधिया, नेहा लिम्बोदिया, डॉ. पंकज जैन ने काव्य पाठ किया एवं संचालन डॉ. अखिलेश राव ने किया।
अध्यक्ष डॉ. पद्मा सिंह ने कहा कि ‘कविता ब्रह्मवाक्य होती है, समाज में परिवर्तन का कारक होती है।’
संस्थान द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

काव्य उत्सव में अनुपमा समाधिया ने कविता –
कभी कभी अनजान राहों पर भी, कोई अपना सा अनजाना मिल जाता है। अविश्वसनीय सा लगने पर भी, विश्वास का दीप जला जाता है। बिन कुछ कहे बगैर भी, बहुत कुछ कह जाता है। स्वार्थ से भरी इस दुनिया में, ना कोई संबंध ना संबोधन होता है, फिर भी अपना फ़र्ज़ निभाता है। शायद इसलिए ही उसे मित्र कहा जाता है।’

इनके बाद संध्या राणे ने पर्यावरण के लिए काव्य पाठ किया। तत्पश्चात युवा कवयित्री नेहा लिम्बोदिया ने मैं नदिया हूँ, चुलबुली, आज़ाद निराली हूँ। ज़मीन पर रहकर, आसमां को समाती हूँ। मुझसे खुशियां, मुझसे ही दुःख, लहराती हूँ पर, उड़ नहीं पाती हूँ मन आये तो, राह बदलती हूँ। सागर की तरह नहीं, जो राह न बदल सके, मैं नदिया हूँ।’ काव्य पाठ किया।
डॉ. पंकज जैन ने अपनी जन्म भूमि को याद करते हुए काव्य पाठ किया।
आयोजन में मुकेश तिवारी, जयसिंह रघुवंशी, राधिका मण्डलोई , पुणे से आए घनश्याम वर्मा, अशोक गौड़, राजेंद्र खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।

matruadmin

Next Post

मालवा में मशहूर है संझा बाई, मालवा में श्राद्ध पक्ष की शाम संझा के गीतों से गुज़रती है

Wed Oct 4 , 2023
डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्यप्रदेश के मालवा, निमाड़ के प्रमुख पर्व में शामिल संझा पर्व श्राद्ध में भाद्रपक्ष शुक्ल पूर्णिमा से मनाया जाता है। कुँआरी बालिकाएँ घर के बाहर दीवार पर संझा की आकृति बनाकर उनके गीत गाती हैं, इसके बाद पूजा अर्चना कर बालिकाएँ घर–घर जाकर यह गीत लोगों […]

नया नया

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।