मेरा चाँद बड़ा शर्मिला है..

Read Time0Seconds
praveen-divedi-300x202
एक वहाँ है अम्बर में, और एक यहाँ है धरती पर,
ये ओट छिपा है घूँघट की, वो ओट छिपा है बदली की,
कहो कैसे कि मैं दीदार करूँ,दिल का अपने इजहार करूँ,
मेरे सामने आता है वो नहीं,
मेरा चाँद बड़ा शर्मिला है।
एक नीली चुनर को ओढ़े है,एक लाल चुनर में है लिपटी,
एक आसमान की शोभा है,एक है धरती की मिट्टी की,
एक में शीतलता भरी हुई, एक सहमी-सहमी डरी हुई,
मुझसे नजर मिलाता है वो नहीं,मेरा चाँद बड़ा शर्मिला है।
है एक निकलता रातों में, और एक निकलता है शब में,
एक तन को ठण्डक देता है,एक चैन मेरा हर लेता है,
एक से है दुनिया चलती, एक से मेरी साँसें चलती,
दिल की बताता है वो नहीं,मेरा चाँद बड़ा शर्मिला है।

                                                                    #प्रवीण द्विवेदी

परिचय : प्रवीण द्विवेदी उ.प्र के बाँदा में रहते हैं और शौकिया लिखते हैं। आपने हिन्दी से एमए किया है,साथ ही बीएड भी शिक्षित हैं।

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मुक्तक

Sat Jun 3 , 2017
किसी बेदर्द से जज्बात का इजहार मत करना, भले ही दाब कर भेंटे कभी व्यवहार मत करना, बड़ा आसान-सा है आजकल दिल से भुला देना.. कभी भी हुस्न पर ‘नीरव’, किसी से प्यार मत करना । तुम्हारा नाम सुनते ही, हमारी आंख भर आई.. तुम्हारी बेवफाई चोट बनकर फिर उभर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।