क्यों बुलाते हो

Read Time0Seconds

खनती चूड़ियां तेरे
मुझे क्यों बुलाती है।
पायल की खनक
भी हमें बुलाती है।
हंसती हो जब तुम
तो दिल खिल जाता है।
और मोहब्बत करने को
मन बहुत ललचाता है।।

कमर की करधौनी
भी कुछ कहती है।
प्यास दिल की वो
भी बहुत बढ़ाती है।
होठो की लाली हंसकर
हमें लुभाती है।
और आँखे आंखों से
मिलना को कहती है।।

पहनती हो जो
भी तुम परिधान।
तुम्हारी खूब सूरती
और भी बढ़ाती है।
और अंधेरे में भी पूनम के
चांद सी बिखर जाती है।
और रात की रानी की
तरह महक जाते हो।।

तभी तो जबा दिलो में
मोहब्बत की आग लगाते हो।
और चांदनी रात में अपने
मेहबूब को बुलाते हो।
और अपनी मोहब्बत को
दिल में शामाते हो।
और अमावस्या की रात को भी
पूर्णिमा की रात बन देते हो।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन (मुम्बई)

0 0

matruadmin

Next Post

बड़े आदमी हैं……

Sat Oct 17 , 2020
सरेआम देखो गबन कर रहें हैं सबूतों को यारों दफन कर रहे हैं बड़े आदमी हैं फितरत है उनकी गज़ब के हुनरमंद फन कर रहें हैं चरस गांजा दारू कोकीन के शौकीन न जाने वो क्या क्या चलन कर रहें हैं मर्यादा हैं ना ,ना सम्मान किसी का नंगा वो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।