घर गृहस्थी

0 0
Read Time1 Minute, 10 Second

न गम का अब साया है,
न खुशी का माहौल है।
चारो तरफ बस एक,
घना सा सन्नाटा है।
जो न कुछ कहता है,
और न कुछ सुनता है।
बस दूर रहने का,
इशारा सबको करता है।।

हुआ परिवर्तन जीवन में,
इस कोरोना काल में।
बदल दिए विचारों को,
उन रूड़ी वादियों के।
जो घरकी महिलाओं को,
काम की मशीन समझते थे।
और घरके कामो से सदा,
अपना मुँह मोड़ते थे।।

घर में इतने दिन रहकर,
समझ आ गये घरके काम।
घर की महिलाओं को
कितना होता है काम।
जो समयानुसार करती है,
और सबको खुश रखती है।
पुरुषवर्ग एकही काम करते है,
और उसी पर अकड़ते है।।

देखकर पत्नी की हालत,
खुद शर्मिदा होने लगा।
और बटाकर कामों में हाथ,
पतिधर्म निभाना शुरू किया।
और पत्नी का मुरझाया चेहरा,
कमल जैसा खिल उठा।
और मुझे सच्चे अर्थों में,
घरगृहस्थी समझ आ गया।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन मुम्बई

matruadmin

Next Post

तुम

Sat Sep 19 , 2020
वक्त आसूँ भी दे तो मुस्कुराना तुम गमों की चादर में कभी न रातें बिताना तुम मोहब्बत होती है निभाने से अच्छी हो सके तो उम्रभर ये बातें सबको बताना तुम जो चाहे दिल से तुम्हे भले दुनिया कुछ भी कहे उससे कभी न दूर जाना तुम हाँ नाराज जरा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।