ईश्वर हमको अच्छा बना दे

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ईश्वर हमको ऐसा वर दो,
अच्छे, अच्छे कर्म करें ।।
मानवता की सेवा करके ,
हम दुनियां में नाम करें।।

सत्य, अहिंसा को अपनाकर,
गांधी, हरिश्चन्द्र, राम बनें।
विफलताओं पर व्याकुल न हों,
धैर्य के साथ हो सदैव खड़े ।।

क्रोध को जीते, क्षमा व्रत लें,
नम्र बनें हम झुक के चलें ।
तड़क, भड़क से दूर रहें,
अपना जीवन सादा रखें ।।

देशी कपड़ा, कागज़ कलम,
देशी पेंसिल से ही लिखें ।
मन, वाणी, कर्म पवित्र बना,
ईश्वर चरणों में सुख लें ।।

माता, पिता गुरु की सेवा,
जीवन के आचरण में भर लें।
ईश्वर मुझको ऐसा वर दो ,
धरती को हम स्वर्ग बना लें।।
आसिया फ़ारूकी
फ़तेहपुर (उत्तर प्रदेश)

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matruadmin

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Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।