प्रत्येक भारतीय को एकाकार होकर लड़ना होगा चीन जैसे घातक शत्रु से युद्ध: विनोद बंसल

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योग-यज्ञ कर लिया चीनी बहिष्कार का संकल्प, सत्यार्थ प्रकाश के परीक्षार्थियों को किया पुरुस्कृत

   नई दिल्ली. जून 21,2020. चीन जैसे घातक शत्रु से मुकाबला करने हेतु सिर्फ सीमा पर सैनिक ही नहीं अपितु प्रत्येक भारतीय को लड़ना पड़ेगा युद्ध. योग दिवस पर यौगिक क्रियाओं, ऑनलाइन हवन-यज्ञ तथा सत्यार्थ प्रकाश के नवम् समुल्लास के परीक्षार्थियों को पुरस्कार वितरण के उपरान्त बोलते हुए विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने आज कहा कि चीन के अज्ञात शत्रुओं ने हमारे घरों, कार्यालयों, दिनचर्या व यहाँ तक जेबों में भी घुसपैठ कर ली है. सीमा पर सैनिक की लड़ाई से पूर्व हम सब भारतीयों को चीन का पूर्ण बहिष्कार कर अंदर तक घुसपैठ जमाए शत्रुओं को मारना होगा जिससे उसकी अर्थव्यवस्था के रीड की हड्डी को तोड़ा जा सके. ये विस्तारवादी मानसिकता का शातिर साम्यवादी तभी होश में आएगा.

   अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस रविवासरीय हवन-सत्संग स्वाध्याय व सम्मान कार्यक्रम का गूगल मीट के माध्यम से आयोजन किया गया. प्रात: 9 बजे दर्शनाचार्या श्रीमती विमलेश बंसल आर्या (दिल्ली) के कुशल ब्रह्मत्व में यज्ञ हुआ व प्रेरक योग गीत के साथ में योग पर ही सुन्दर प्रवचन किया तथा कच्छ गुजरात के श्रद्धेय संत स्वामी शान्तानन्द सरस्वती जी के द्वारा सत्यार्थप्रकाश के स्वाध्याय, सभी दुखों से छूटने के लिए अष्टांग योग की अनिवार्यता एवं यज्ञ के अनुष्ठान की महत्ता बताई गयी।

   श्री विनोद बंसल जी द्वारा  देश के अमर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए सत्यार्थप्रकाश के  परीक्षार्थियों को प्रतीकात्मक रूप में  प्रमाण-पत्र वितरण किए।  स्वामी शान्तानन्द सरस्वती एवं आचार्या विमलेश बंसल जी के द्वारा लॉक डाउन के दौरान सत्यार्थप्रकाश नवमसमुल्लास का व्हॉट्स ऐप के माध्यम से ऑन लाइन अध्यापन कराया गया था जिसमें अनेक प्रान्तों के महिला, पुरुष, बच्चों व बुजुर्गों ने पूरे मनोयोग से भाग लिया तथा अंत में लिखित परीक्षा भी दी थी। परीक्षा में नई दिल्ली की श्रीमती आशा भटनागर ने सर्वाधिक अंक  प्राप्त किए। तत्पश्चात आर्य जगत की भजनोपदेशिका श्रीमती सुदेश आर्या के शान्ति भजन ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया. कार्यक्रम का संचालन श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) से आचार्य श्री अनुज आर्य ने किया।

जारीकर्ता
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।