क्या सरकार का संकट में भी आर्थिक पैकेज बड़ा संकल्प साबित होगा?

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  जी हां इस संकट की घड़ी में सरकार का उपरोक्त आर्थिक पैकेज बड़ा संकल्प साबित होगा। डरी सहमी जनता के घावों पर साहस एवं आत्मनिर्भरता का लेप होगा। जो कोरोना महामारी से पटरी से उतर चुके विकास एवं विश्वास को तीव्र गति प्रदान करेगा। और तो और यह गिरे मनोबल के गर्म स्तर को शीतलता देकर उज्जवल भविष्य की ऊर्जा प्रवाहित करेगा।
  यह आर्थिक पैकेज बिगड़ी अर्थ व्यवस्था के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने का रामबाण साबित होगा। यह देश के छोटे-मझोले बीमार उद्योगों के लिए रक्तदान के समान होगा।यह पैकेज उद्यमियों के ठंडे पड़ चुके उद्यम को नई दिशा देगा। यह उद्यमियों के बिखरे सपनों को पुनः संजोएगा। जिससे हमारे सपने साकार होंगे और हमारा राष्ट्र विश्व की बुलंदियों को छूएगा।
  अतः यदि कम शब्दों में कहें अर्थात सागर को गागर में भरें, तो लोकप्रिय माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी द्वारा जारी 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज मृत्यु शैय्या पर पड़ी अर्थ व्यवस्था के लिए संजीवनी बूटी साबित होगा।

इंदु भूषण बाली

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।