बाल कविता – आयी दीवाली

1 0
Read Time1 Minute, 28 Second

दीप जलेंगे घर – घर,हर घर जगमगायेगा।
छोटे – छोटे बच्चों से हर घर चहक जाएगा।।

ना परीक्षा की कोई तैयारी होगी,
ना स्कूल ही कोई बच्चा जाएगा।
दीवाली की छुट्टियों का अपने घर
पर हर बच्चा खूब मौज उड़ाएगा।।

हाथों में फुलझड़ियां खूब जलाएंगे।
चकरी जलाकर जोर से सब कूदेंगे,
दीवाली के उत्सव पर सब बच्चे खूब
उछल – खुद और हंगामा मचाएंगे।।

दीवाली का ये उत्सव दीपो का त्योहार है।
ईर्ष्या द्वेष मिटाकर गले लगाने का त्यौहार है।।

2 – बाल कविता – जंगल की दीवाली

दीवाली पर पिंकी चिड़िया ससुराल से मायके आयी।
चिड़िया रानी इस दीवाली तोहफ़े बहुत से लायी।।

टीटू भाई ने सुबह से दरवाजे पर नजर है लगायी।
बहन को आता देख उसके चेहरे पर मुस्कान आयी।।

सभी कर रहे मिलजुल कर दीवाली की सुंदर तैयारी।
जंगल मे साथियों की है रौशनी लगाने की तैयारी।।

सारा जंगल जगमगाएगा,सभी मिलकर धूम मचाएंगे।
एक दूसरे को फिर गले लगाकर दीवाली को मनाएंगे।।

#नीरज त्यागी
ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश )

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

मोबाईल

Thu Oct 24 , 2019
गैर तो अपने बने नही सगे भी अपने रहे नही मोबाईल का जादू ऐसा छाया दिल के रिश्ते तक रहे नही मां,बहन,ताई,चाची को मोबाईल के चक्कर मे भूल गए इस फेसबुक की दुनियां में वे सब भी फ्रेंड हो गए पिता,भाई,ताऊ,चाचा भी फ़्रेंडशिप सूची में आ गए रिश्तों की मर्यादा […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।