हिम्मत

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तुम कुछ कर सकते हो
तुम आगे बढ़ सकते हो ।
तुममे है बहुत हिम्मत
तुम जग को बदल सकते हो ।
तुम खुद से हिम्मत नही हारना ।
कभी खुद का भरोसा मत हारना ।
तुम झूठ का मार्ग छोड़
सच्चाई के रास्ते पर चलते रहना ।
मुसीबत बहुत आते हैं जीवन में
बस डट कर सामना करना ।
तुम ही देश के भविष्य हो
यह बात हमेशा याद रखना ।
आत्मविश्वास बनाए रखो
तुम हर कार्य पूरा कर पाओगे
अपनी प्रयास तुम जारी रखो
एक दिन जरुर सफल हो जाओगे ।
तुम करना कुछ ऐसा की,
सारी दुनिया तुम्हारे गुण गाए ।
तुम बनना ऐसा की महानों की,
महानता भी कम पड़ जाए ।
तुम रखना हिम्मत इतना की,
वीर योद्धा की तलवार भी झुक जाए ।
तुम बनना इतना सच्चा की
हरीशचंद्र के बाद तुम्हारा नाम लिया जाए

#सौरभ कुमार ठाकुर
(बालकवि एवं लेखक)
मुजफ्फरपुर, बिहार

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।