सुषमा स्वराज कुशल राजनीतिज्ञ व विद्वता की धनी थी-श्रीगोपाल नारसन

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रुड़की|

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री एवं विदेश मंत्री रही सुषमा स्वराज के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें अपनी ओर से श्रद्धाजंलि अर्पित की है।उन्होंने बताया कि अम्बाला छावनी में जन्मी सुषमा स्वराज ने एस॰डी॰ कालेज अम्बाला छावनी से बी॰ए॰ तथा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से एलएलबी की डिग्री ली थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में भाग लिया।बाद वे सक्रिय राजनीति से जुड़ गयीं। वर्ष 2014 में उन्हें भारत की पहली महिला विदेश मंत्री होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जबकि इसके पहले कांग्रेस शासनकाल में श्रीमती इंदिरा गांधी दो बार कार्यवाहक विदेश मंत्री रह चुकी थीं। उन्हें देश में किसी राजनीतिक दल की पहली महिला प्रवक्ता बनने का गौरव भी प्राप्त हुआ।उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद रही सुषमा के बारे में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने उन्हें एक कुशल राजनीतिज्ञ व विद्वता की धनी महिला बताया।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।