ब्राइट फ्युचर ने किया प्रतिभाओ का सम्मान, संस्कार, स्वास्थ्य व अध्यात्म पर दिया वक्ताओं ने बल

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ब्राइट फ्युचर के बैनर तले सेंट्रम होटल में आयोजित हाई स्कूल व इंटर के प्रतिभावान छात्र छात्राओं के सम्मान समारोह में संस्कार,स्वास्थ्य व आध्यात्मिक ता अपनाकर भविष्य का सफल नागरिक बनने की प्रेरणा दी गई।साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन, पत्रकार हर्ष हसीन व अध्यापिका अनुराधा के संयुक्त संचालन में आयोजित इस समारोह में राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के पूर्व सदस्य डॉ योगेंद्र नाथ शर्मा अरुण ने बच्चों को संस्कारवान बनने की प्रेरणा दी तो उत्तराखंड शासन में सूचना विभाग के सहायक निदेशक मनोज श्रीवास्तव ने पढाई में एकाग्रता व मानसिक स्वास्थ्य के लिए राजयोग के अभ्यास की विधि बताई।डॉ रामसुभग सिंह ने शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाई के लिए डांटने का अधिकार दिए जाने की जरूरत बताई।वही केंद्रीय विद्यालय संख्या 1 के प्राचार्य विपिन त्यागी,समाज सेवी हंस राज सचदेवा ,इंटक नेता अरविंद राजपूत, ए आर टी ओ ज्योति शंकर मिश्रा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ आदेश शर्मा, अभिनेत्री अमरीन खान,समाज सेवक दीपक लाखवान,ज्योतिष विद्वान रजनीश शास्त्री ने अपने उदबोधन में ब्राइट फ्युचर के इस रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए बच्चों से अपने माता पिता व गुरु का सम्मान करने व मन लगाकर पढ़ाई करने का आव्हान किया।इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने अभिभावकों के साथ बड़ी संख्या में भाग लिया।बच्चों को सम्मान के रूप में प्रशस्ति पत्र,मैडल व स्मृति चिन्ह भेंट किये गए।शामिल स्कूलों में स्कॉलर्स अकैडमी (2) केंद्रीय विद्यालय नंबर वन केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 सेंट मार्क दून पब्लिक स्कूल माउंट ज़ी लिट्रा राजीव गांधी नवोदय स्कूल आदर्श बाल निकेतन केकेपी इंटर कॉलेज मंगलौर ग्रीनवे आदि है जिनके बच्चों ने भागीदारी निभाई।

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।