हाहाकार

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avinash tiwari
 हाहाकार मची चहुँ ओर पसरा सन्नाटा है,
कश्मीर से दिल्ली तक
बारूद का बोल बाला है।
भाषा की अभिव्यक्ति मिली,
ये टुकड़े भारत के करते हैं।
जिस थाली में ये खाते नापाकी
उसमे ही छेद करते हैं।
बहुत मांग चुके आज़ादी
अब इनको सबक सीखाना है,
पथ्थर बाजो को उनकी
आज़ादी दिलवाना है।
हाहाकार मचा दो सेना
देश द्रोही पर देर नही,
इनकी बोली हमारी गोली
गीदड़ों की अब खैर नही।
छुपकर ये घात लगाते,
    कायरों की जमात है।
नाहर बनकर टूट पड़ो
    इनकी क्या औकात है।
ये उन्मादी और फसादी
         आतंक इनका ईमान है
अर्जुन बन कर टूट पड़ो
        ये हमारा हिंदुस्तान है।
जो आंख उठा भारत पर
    वो आंख निकाल कर जाएंगे
अबकी छेड़ोगे हिंदुस्तान
तो लौहार में तिरंगा फहराएंगे
#अविनाश तिवारी
जांजगीर चाम्पा(बिहार)

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