‘ब्यूटी एन्ड बीस्ट’

0 0
Read Time3 Minute, 8 Second

edris

यहा प्यार वाली,म्यूजिकल फैंटेसी फिल्म है,जो भरपूर जादू और डार्क फेंटेसी से भरी है। छोटी-सी कहानी यहाँ है कि,एक प्रिंस को श्राप मिलता है कि,जब तक सच्चा प्यार न कर ले, दानव बना रहेगा और सारे नौकर- चाकर घरेलू सामान बने रहेंगे। तब फिल्म की नायिका एमा से मुलाकात और प्यार की दास्ताँ शुरु होती है।सुंदर-सुंदर सेट,भव्य निर्माण,जादू और करामात से भरपूर इस फिल्म
का निर्देशन किया है बिल कॉण्डन ने।
डिज़नी की फिल्में हमेशा रोचक होने के साथ केवल बच्चों का ही नहीं, वरन बड़ों का भी मनोरंजन करती है,जो इसमें भी है। फिल्म का संगीत भी अच्छा है, जो एलेन मेक्लेन ने दिया है। फिल्म की भव्यता का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि,दृश्य प्रभाव के लिए ४९८ विशेषज्ञों के नाम और एनिमेशन के लिए ४५ कलाकारों के नाम इसमें दिए गए हैं। यह फिल्म सचमुच कमाल है। कलाकारों में ‘हैरी पॉटर’ फिल्म की ‘हर्माइनी’ बड़ी हो गई है, जो सुंदर होने के साथ बड़ी अदाकारा भी है। इसका साथ दिया है आवाज़ में डेब स्टीवेंस,ल्यूक इवान्स और इयान मेकेलेन ने। प्यार,श्राप और जादू से भरी इस भव्य चमत्कारी फिल्म को देखकर आपको आश्चर्य लगेगा कि, कैसे चाय का कप,प्लेट,घड़ी श्राप के चलते घर के सामान में तब्दील हो गए हैं। कुल मिलाकर भव्यता,सुंदर कला, निर्देशन,जादू,वीएफएक्स एनिमेशन का मिश्रण ‘ब्यूटी एन्ड द बीस्ट’ फिल्म है।

                                                                  #इदरीस खत्री

परिचय : इदरीस खत्री इंदौर के अभिनय जगत में 1993 से सतत रंगकर्म में सक्रिय हैं इसलिए किसी परिचय यही है कि,इन्होंने लगभग 130 नाटक और 1000 से ज्यादा शो में काम किया है। 11 बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में लगभग 35 कार्यशालाएं,10 लघु फिल्म और 3 हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में है। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। इंदौर में ही रहकर अभिनय प्रशिक्षण देते हैं। 10 साल से नेपथ्य नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं।

 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शब्द ही शब्द है...

Mon Mar 20 , 2017
शब्द ही शब्द है शब्द ही निशब्द है, शब्द ही सत्य है शब्द ही असत्य है.. शब्द ही आलाप है शब्द ही विलाप  है, शब्द ही राग है शब्द ही विराग है.. शब्द ही आत्मा है शब्द ही परमात्मा है, शब्द ही शब्द है शब्द ही निशब्द हैl शब्द ही […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।