‘ब्यूटी एन्ड बीस्ट’

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edris

यहा प्यार वाली,म्यूजिकल फैंटेसी फिल्म है,जो भरपूर जादू और डार्क फेंटेसी से भरी है। छोटी-सी कहानी यहाँ है कि,एक प्रिंस को श्राप मिलता है कि,जब तक सच्चा प्यार न कर ले, दानव बना रहेगा और सारे नौकर- चाकर घरेलू सामान बने रहेंगे। तब फिल्म की नायिका एमा से मुलाकात और प्यार की दास्ताँ शुरु होती है।सुंदर-सुंदर सेट,भव्य निर्माण,जादू और करामात से भरपूर इस फिल्म
का निर्देशन किया है बिल कॉण्डन ने।
डिज़नी की फिल्में हमेशा रोचक होने के साथ केवल बच्चों का ही नहीं, वरन बड़ों का भी मनोरंजन करती है,जो इसमें भी है। फिल्म का संगीत भी अच्छा है, जो एलेन मेक्लेन ने दिया है। फिल्म की भव्यता का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि,दृश्य प्रभाव के लिए ४९८ विशेषज्ञों के नाम और एनिमेशन के लिए ४५ कलाकारों के नाम इसमें दिए गए हैं। यह फिल्म सचमुच कमाल है। कलाकारों में ‘हैरी पॉटर’ फिल्म की ‘हर्माइनी’ बड़ी हो गई है, जो सुंदर होने के साथ बड़ी अदाकारा भी है। इसका साथ दिया है आवाज़ में डेब स्टीवेंस,ल्यूक इवान्स और इयान मेकेलेन ने। प्यार,श्राप और जादू से भरी इस भव्य चमत्कारी फिल्म को देखकर आपको आश्चर्य लगेगा कि, कैसे चाय का कप,प्लेट,घड़ी श्राप के चलते घर के सामान में तब्दील हो गए हैं। कुल मिलाकर भव्यता,सुंदर कला, निर्देशन,जादू,वीएफएक्स एनिमेशन का मिश्रण ‘ब्यूटी एन्ड द बीस्ट’ फिल्म है।

                                                                  #इदरीस खत्री

परिचय : इदरीस खत्री इंदौर के अभिनय जगत में 1993 से सतत रंगकर्म में सक्रिय हैं इसलिए किसी परिचय यही है कि,इन्होंने लगभग 130 नाटक और 1000 से ज्यादा शो में काम किया है। 11 बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में लगभग 35 कार्यशालाएं,10 लघु फिल्म और 3 हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में है। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। इंदौर में ही रहकर अभिनय प्रशिक्षण देते हैं। 10 साल से नेपथ्य नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं।

 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।