इंदौर। माँ सरस्वती का आराधक, साहित्य सर्जक इस संसार से विदा होकर भी अपने सृजन-कृतित्व के कारण अपनी यादों के साथ जीवन्त रहता है, यह बात राष्ट्रीय कवि एवं श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति के सभापति सत्यनारायण सत्तन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहीं। प्रसंग था समिति के पूर्व प्रबंध […]

पहली बार कन्नड़ भाषा की किताब को मिला सम्मान नई दिल्ली। भारत की कन्नड़ भाषा की लेखिका बानू मुश्ताक़ को साल 2025 का बुकर सम्मान मिला है। यह पहली बार है जब कन्नड़ भाषा की किताब को यह सम्मान मिला है। बानू मुश्ताक़ ने यह इतिहास अपनी कहानियों की किताब […]

इन्दौर। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं गंधवानी विधायक उमंग सिंघार ने मातृभाषा उन्नयन संस्थान के मुख पत्र मासिक ‘साहित्य ग्राम’ के मई 2025 अंक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, इन्दौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी, उपाध्यक्ष दीपक […]

इंदौर। श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति में कालजयी साहित्यकार 111 वाँ पोस्टर लोकार्पित किया। कार्यक्रम कीसंयोजिका डॉक्टर पदमा सिंह ने जायसी के विषय में बताते हुए कहा कि वह भक्ति जल थी प्रेम सही शाखा के महान सूफी संत कवि थे उनके काव्य में लौकिक प्रमाण ज्ञान अलौकिक रहमान […]

अख़बार की जगह का महत्त्व समझें रचनाकार – डॉ. अर्पण जैन इंदौर। श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति में शुक्रवार को सृजन विविधा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम सत्र में समाचार लेखन पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने संबोधित […]

इंदौर। संस्था मंजिल ग्रुप साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर सिंह सुधाकर ने 25000 किलोमीटर की साहित्यिक रथ यात्रा की और अपने इंदौर पड़ाव में, इंदौर के साहित्यकारों को सम्मानित किया। उन्होंने बताया की मग सम एक ऐसी संस्था है जो साहित्यकारों की रचनाओं के आधार पर ग्रीन कार्ड रेडकार्ड […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।