मातृभाषा ने किया माँ हिन्दी का पूजन इंदौर। हिन्दी माह को विगत 8 वर्षों से हिन्दी महोत्सव के रूप में मनाने के लिए इंदौर में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आज माँ हिन्दी के पूजन से महोत्सव का आरम्भ किया। नंदानगर 10नम्बर सड़क स्थित वीर भद्रशाल समूह द्वारा विराजित गणेश पांडाल […]

कातोरा। ग्राम के श्री नारायण विद्या मंदिर में मंगलवार को ‘मैं हिन्दी योद्धा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि निमाड़ी कवि एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रतिनिधि पारस बिरला उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती पूजन के साथ की गई, तत्पश्चात अतिथि का स्वागत श्री खांडेकर द्वारा किया […]

बामझर। निमाड़ क्षेत्र के सुप्रसिद्ध ओशन इंटरनेशनल स्कूल में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा रविवार को छात्र-छात्राओं को हस्ताक्षर बदलने के लिए प्रेरित कर हिन्दी में हस्ताक्षर बदलवाए। गुरुकुल पद्धति से संचालित विद्यालय में कवि पारस बिरला ने छात्र-छात्राओं को हिन्दी अपनाने के लिए प्रेरित किया और लगभग 60 से अधिक […]

राष्ट्रधर्म निभाती है कविता- प्रो. भारद्वाज डॉ. कुँअर बेचैन की काव्य साधना जनपक्षधर – डॉ. शैलेन्द्र शर्मा उज्जैन। हिन्दी कवि डॉ. कुँअर बेचैन की जन्म जयंती पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान, डॉ. कुँअर बेचैन स्मृति न्यास, ऑस्ट्रेलिया और विक्रम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में काव्य कुँअर 2025 व काव्य दीप सम्मान […]

‘अनहद अहद’ का आयोजन सम्पन्न परकाया प्रवेश जैसा है बाल साहित्य का लेखन- डॉ. द्विवेदी बाल मन के कुशल चितेरे रहे अहद प्रकाश- डॉ. बलवटे बाल सुलभ मन के धनी अहद जी- कान्ता रॉय भोपाल। शहर के सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार एवं बाल साहित्यकार अहद प्रकाश की स्मृति में मातृभाषा उन्नयन संस्थान […]

इन्दौर। निमाड़ के गौरव एवं अपनी सर्जना से निमाड़ी बोली को पहचान दिलवाने में महनीय भूमिका निभाने वाले साहित्यकार जगदीश ‘जोशीला’ को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म श्री से सम्मानित किया। पद्मश्री अलंकरण के उपरांत इन्दौर में प्रथम नगर आगमन पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा श्री जोशीला का […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।