प्रदेश में चुनाव होने वाले थे । मुख्यमंत्रीजी के स्वभाव में अचानक से बदलाव होने लगा । वे मरखने सांड से सीधे भोली भाली दुधारू गाय बन गये । पिछले पांच साल से वे पुलिस के बल पर राज कर रहे थे । ये तो जनता ही जानती है कि […]

शाम का समय हो चला था, आज बादल कुछ ज्यादा ही साफ दिखाई दे रहे थे, और हमेशा की तरह मैं सरहद के पास अपनी गश्त में था, अचानक मेरी नजर उस सिपाही पर पड़ी जो हमेशा बड़े ही जोश में दिखाई देता था, नया था शायद इसीलिए बड़ा ही […]

जोर शोर का संगीत बड़े बड़े लोगों की भीड़।एक के बाद एक भाषण।साथ ही बारीक से बारीक काम की चर्चा। वाह ! ठेकेदार साब वाह !! आपने तो कमाल कर दिया। अपने रात दिन के कठिन श्रम से असंभव को संभव कर दिया। ठेकेदार फूले न समाए।आज पुल के उद्घाटन […]

दरोगा अभय यादव की शैतानियत से बच्चा-बच्चा परिचित था । रिश्वत खाने की उसे ऐसी बीमारी थी कि आदमी कितना भी गरीब हो उससे उसे पैसा चाहिए ही चाहिए । रात को एक मामला थाने में आया । झगड़ा पारिवारिक था, फिर भी रफा-दफा करने के बजाय अभय यादव ने […]

इमरत और सुखिया ने गमछे के ऊपर रखी दो रोटियों को आधा आधा कर मही में गीला कर के खा लिया था और वे अपनी झोपड़ी में लेट गए थे । दोपहरी सिर पर चढ़ चुकी थी । इमरत तो रोज सुबह जल्दी ही घर से खेत पर आ जाता […]

सामने पति की लाश पड़ी थी और पूनम चुपचाप गुमसुम सी निहारे जा रही थी । उसके आंसू न जाने कौन पी गया…। अभी उसके हाथों पर लगी मेहंदी का रंग भी फीका न पड़ा, कि एक भयानक रोड एक्सीडेंट में रमन को पूनम से हमेशा- हमेशा के लिए जुदा […]

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।