कचहरी में टंकण करते-करते कोई हिन्दी कविताओं की तरफ मुड़कर हिन्दी माँ का लाड़ला नीरज बनकर माया नगरी बम्बई में हिन्दी कविता को सर्वोच्च सम्मान दिलवाता है, और प्रेम के तरानों के साथ शोखियों में घोलता हो प्रेम गीतों का राग उस अल्हड फ़क़ीर और उच्च कोटि के दर्शन का […]
