हम चैन से सोते है घर पे सारी रात भर, क्योंकि जवान है सीमा पे खड़े सीना तान कर, हम मनाते हैं घर पे सारे पर्वों को परिवार के ही साथ, उसकी भी सोचों जो जा न पाते किसी त्योहार पे भी घर, कितने सालों से बहन ने भाई की […]
वर्ष प्रतिपदा के पावन दिवस 10 अप्रैल, सन् 1875 को महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य-समाज ने अब तक देश के धार्मिक, सामाजिक, आध्यात्मिक व राष्ट्रीय विषयों पर अपनी गहरी पैठ बनाई है. इसके द्वारा अविद्या के नाश व विद्या वृद्धि, अँध-विश्वासों, आडंबरों, मिथ्याचरण, बाल विवाह, बेमेल विवाह, सामाजिक कुरीतियों, […]
