श्रेष्ठ बनकर सदा रहो विकारो से दूर रहो जीवन बने गुणों का खजाना ऐसे सदाचरण में रहो अंदर बाहर एक सा बन सत्य के प्रहरी रहो मन,वचन,कर्म से एक समान बने रहो छिपाना पड़े ऐसा करो नही नजरो से कभी गिरो नही झुके न सिर शर्म से कभी ऐसे सुकर्म […]
मातृभाषा के माध्यम से ही मनुष्य का ज्ञान- विज्ञान की दुनिया में पदार्पण होता है माँ के स्तनपान के साथ साथ अबोध शिशु जिन ध्वनियों और दुनियावी वस्तुओं से परिचना शुरू करता है वह बच्चे को प्रतीकों की नई दुनिया में प्रवेश दिलाता है यह प्रक्रिया बड़ी सरल औरप्रभावी होती […]
झूठ कहने के तरीके हज़ार हैं साहेब आपके सलीके हज़ार हैं अखबार,व्यापार,सरकार,सरोकार आज सब नंगे खड़े भरे बाज़ार हैं मान गए आप आला खलीफा हैं बेच दिए यूँ ही नहीं मंदिर मज़ार हैं हर कही बात हो ,जरूरी तो नहीं पर आँखों से रोते तो जाऱ जाऱ हैं वक़्त पूछेगा […]
किस तरफ हो मुड़ो। जिन्दगी से जुड़ो। जो निभाये — निभे उस अभिलाषा से जुड़ो। जो खुशी से जुड़े तुम उसी से जुड़ो। यह जरूरी नहीं तुम मुझी से जुड़ो। कुछ लचीले बनो, तब किसी से जुड़ो। गर ख़ुदा चाहिए बेखुदी से जुड़ो। जोड़ जाहिर न हो, गर […]
जिंदगी की दौड़ भाग में खो सा गया मेरा बचपन बेफिक्र मौज मस्ती वाला मेरा राज दुलारा बचपन माँ के आँचल में छुपजाना नजर उतारने वाला बचपन भले ही माँ भूखी हो मगर मुझे तृप्ति कराने वाला बचपन आज क्यों खो सा गया ? या मै बचपन को पीछे छोड़ […]
तिरंगा आन में रहता तिरंगा शान है रखता तिरंगा ही तो हमें जिन्दाबाद है रखता। वतन परस्ती की वचन परस्ती की शपथ परस्ती की तिरंगा दिल में पहचान है रखता। गद्दारो को सबक देश भक्तो की कदर शान से ये तो दिमाग है रखता हर वतन परस्त का तिरंगा ख्याल […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।