दोहा- मेघपुष्प पानी सलिल, आपः पाथः तोय। लिखूँ वन्दना वरुण की,निर्मल मति दे मोय।। चौपाई- प्रथम गणेश शारदे वंदन। वरुण देव,पाठक अभिनंदन।।१ जल से जीवन यह जग जाना। जल मे प्राणवायु को माना।।२ जल से जीव और परजीवी। जल से वसुधा बनी सजीवी।।३ जल से अन्न अन्न से जीवन। जल […]
