प्रेम को आगे रखके हम खुद का सम्मान करें लोकतंत्र के महापर्व में आओ चलो मतदान करें गली मोहल्ले गाँव शहर में घूम घूम कर हम भाई बूढ़े और जवानों का हम सब मिलकर आह्वान करें जाति धर्म भाषा प्रांत से कुछ पल मन को दूर रखें सही बटन पर […]

साहित्य संगम संस्थान के गीतशाला विभाग में नवरात्री के शुभअवसर पर दिनांक १०.४.२०१९ की शाम ७बजे से गीतोत्सव का आयोजन किया गया ,गीतशाला की प्रमुख आदरणीया सरोज सिंह ठाकुर जी नें इस प्रथम रंगारंग गीतोत्सव का आयोजन करवाया ,जिसमें कई प्रतिभागियों नें अपनीं अनूठी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव विभोर […]

क्षत्रियों पर संकट जब आन पड़ी, तब हिन्द ने रुड़की में ऐसा शेर जना। तिहाड़ भी जिसको रोक न सका, अफगानिस्तान भी न कर सका मना।। पृथ्वीराज चौहान की अस्थियों को भी जिसने, मुल्लों के मुल्क से डटकर छीन लिया। चार बांस चौबीस गज से भी बड़े जिगरे वाला, मां […]

भारतीय इतिहास के सबसे नृशंस हत्याकांडों में से शुमार 13 अप्रैल 1919 का दिन तारीख का रक्तरंजित पन्ना है, देश की आजादी के लिए चल रहे आंदोलनों को रोकने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. लेकिन इस हत्याकांड से क्रांतिकारियों के हौसले कम होने की जगह ओर […]

कुछ इस तरह अपने कलम की जादूगरी दिखाएँगे किसी की ज़ुल्फ़ों में लहलहाते खेत हरी-भरी दिखाएँगे छोड़ो उस आसमाँ के चाँद को,मगरूर बहुत है रातों को अपनी गली में हम चाँद बड़ी-बड़ी दिखाएँगे किस्सों में जो अब तक तुम सुनते आए सदियों से मेरा मुँह चूमता हुआ तुम्हें वही पुरनम […]

.             ‍♀ ** ‍♀ नई साल आती रहे,मन में हो शुभ भाव, करते  शुभकामना, सभी  हम  प्यार से। भारत धर्म संस्कृति,आए न कोई विकृति, मन  में  गुमान  रख, रहना    संस्कार  से। बार बार प्रयास हो,परिश्रम विश्वास हो, लक्ष्य पर  हो निगाह, डरो  नहीं हार से। शीतल स्वभाव रख,सफलता स्वाद चख, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।