मेरी उम्मीदों पर खरा उतरेगा न ? मुझसे बिछड़ कर तू बिखरेगा न ? जुदा हो कर मरना जरूरी नहीं है मगर जिंदा रहना तुझे अखरेगा न ? न याद करना कभी,न आसूँ बहाना हाँ,पर चाँद रात को आहें भरेगा न ? कोई इल्जाम तुझ पर न आने दूँगा तू […]

जिसकी किलकारियों से गूँजा हो जम्मू, जिसके वैराग से पावन हुआ हो माँ गोदावरी का कूल, जिसकी बहादुरी का साक्षी हो सतलज और जिसके बलिदानों के समक्ष बौना हो गया हो गगनचुम्बी कुतुबमिनार। उस बंदा बहादुर वैरागी के एकलौते सपूत का नाम था अजय सिंह जिसकी कुर्बानी के जज़्बे पर […]

देवभूमि में जाम से जनता हुई त्रस्त पर्यटक भी वाहनों में फंसे हुए बहुत बेबस पैट्रोल तक खत्म हुआ नही चल पाये पम्प यात्रा का मजा किरकिरा मच रहा हड़कम्प देवभूमि के लोग भी भुगत रहे है दंड जीना उनका मुहाल हुआ आवागमन बेढंग व्यवस्था सुधार में सरकार हुई , […]

किस किसको बतलाये हाल ये दिल का। कहते हुए भी शर्माए हाल ये दिल का। जिससे हमें हुआ है प्यार, कैसे बतलाये उनको। कही सुनकर वो मेरी बात रूठ न जाये ।। वैसे भी इस दिल मे गमो का भंडार पड़ा है। इसमें से कुछ को कम किया जाए इजहार […]

नई दिल्ली। आजादी के 72 वर्ष बाद भी भारत में अभी तक दलित समाज पर अत्याचार की दुर्भाग्य जनक घटनाएं होती हैं. विश्व हिन्दू परिषद् के संयुक्त महासचिव डॉ सुरेन्द्र जैन का कहना है कि इन घटनाओं के विरोध में आवाज उठनी ही चाहिए व पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिलना […]

  कविता लिखना जितना आसान समझा जाता है उतना होता नहीं है। कवि को तात्कालिक परिस्थितियों का गहन अध्ययन करना पड़ता है, उन स्थितियों से जुझना पड़ता है। तब जाकर किसी रचना का निर्माण होता है। और फिर बाल साहित्य, बाल कविताओं का सृजन करना और भी कठिन कार्य है। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।