जन्माष्टमी पर्व विशेष ……………… माखन मिश्री से भरी थाल सजा है द्वार और चौपाल । आएंगे फोडऩे मटकियां सखाओं के संग गोपाल ।। चमक रह मोती -सा भाल सारे संकटों को रहें संभाल । आएंगे तोडऩे सारे बंधन सखाओं के संग गोपाल ।। प्रेम की बरसती सुरताल जहाँ विराजते है […]
