ज्ञान, ध्यान, आसन्न का सब धर्मों में है विधान अपनी अपनी पद्दति से याद,पूजा,इबादत, अरदास प्रभु,अल्लाह, गॉड,गुरुग्रन्थ सन्तान उन्ही की हमसब है रक्त सभी का लाल लाल मतमतान्तर क्यों परस्पर है बुराई बुराई में भेद नही एक साथ सब छोडो अभी सदगुण भी सब धारण करो अच्छे इंसान बनो अभी। […]

एक एक बूंद है कीमती इसी में जीवन जान जल बिना जीवन नही यह ईश्वर का वरदान जहां जल का संकट है वही है जल की पूछ जहां जल बहुतायत में वहां जल बर्बादी बहुत जल की एक एक बूंद को आओ बचाने का ले संकल्प जहां भी व्यर्थ बहता […]

बदजबानी घातक हुई मर्यादा हुई तार तार कैसा है ये लोकतंत्र नेताओं को नही लाज स्वयं को नुमाइंदा बताते जो देश के आवाम का उन्ही की जबान फिसल रही नही ख्याल रहा संविधान का वोट से पहले देश जरूरी स्वार्थ से पहले विकास जरूरी कुछ तो रहम करो नेताओ ध्यान […]

बुरा किसी का मत सोचो भला हो बस यह सोचो नफरत नही प्यार बांटो हिंसा नही अहिंसा छांटो दुनिया मे सबसे प्यारे बनो परमात्मा के राजदुलारे बनो उसी ने दिखाई यह दुनिया उसके प्रति कृतज्ञता वाले बनो जो सद्कर्म किये वे काम आंएगे जीवन खाते में आपके चढ़ जाएंगे जीवन […]

जाति धर्म को भूलकर करिए इंसानियत की बात कोई छोटा या बडा नही करना सद्कर्म बड़ी बात जो ईमानदारी की खाता है भले ही रिक्शा चलाता है वह उससे बहुत बड़ा होगा जो भ्र्ष्टाचार में डूबा होगा राष्ट्र की उन्नति का आधार यही स्वच्छ व्यवस्था पक्षपात नही मानव कल्याण की […]

जीवन का एक एक पल सफल अपना कीजिए हाथ आये वक्त को यूं ही व्यतीत न कीजिए अगर वक्त बीत गया कुछ हाथ न आएगा अपनी इस लापरवाही से स्वयं ठगा सा जाएगा वक्त जिसके साथ रहा तकदीर उसी की बनती है वक्त जिसने सफल किया ईश्वरीय सौगात मिलती है। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।