
(1)
हरी मेहंदी
रंग देगी वो लाल
सुंदर हाथ।
(2)
मेहंदी संग
हो सोलह शृंगार
आएं साजन।
(3)
आए जो प्रिय
लिये हाथों में हाथ
मीठी–सी बात।
(4)
झूमे सावन
आनंद ही आनंद
मनभावन।
(5)
सुखी जीवन
प्रियतम का संग
मिली सौगात।
( 6)
देख मेहंदी
साजन हुए ख़ुश
लिखा है नाम।
सीता गुप्ता,
दुर्ग छत्तीसगढ़

