रावण दहन

हर बार दशहरे पर हम सब,
क्यों रावण का पुतला फूंके।
अपने अंदर के रावण को ,
क्यों हम सब मिलकर ना फूंके।

साधुओं के भेष में कुछ,
मक्कार हमें नित छल जाएं।
भगवा धारी रावण को हम,
आओ आज सबक सिखाएं।

लगा के टोपी नेता सारे,
जनता को मूर्ख बनाते हैं ।
गरीबों के खून पसीने की ,
कमाई पर एश उड़ाते हैं।

धर्म की आड़ में धर्माचारी,
मजाक धर्म का बनाते हैं।
पर्दा डाल कर भक्ति का,
सरेआम रास रचाते हैं।

अंग व्यापार का गोरखधंधा,
कुछ रावण मिलकर चलाते हैं।
देश की मां, बेटी ,बहनों की,
इज्जत मिट्टी में मिलाते हैं।

दवाएं हो रही कितनी महंगी,
महंगे हो रहे डॉक्टर भी।
लालच ,स्वार्थ,कपटता से,
खुद बीमार हुए हैं डॉक्टर भी।

दाम बढ़े हैं राशन के,
बिजली पानी का दम बढ़ा।
भरे पेट अब कैसे बताओ,
गरीबी में परिवारों का।

रक्षक ही बन गए हैं भक्षक,
अब कौन करे पहरेदारी।
निर्दोषों को पड़ते डंडे,
और दोषी करे अय्याशी।

दुनियां के हर कोने में,
मिल जाएंगे रावण ये।
आस्तीन के सांप के जैसे,
रावण ये फुंकार भरे।

रावण का पुतला मत फूंको,
अब बुराइयों का संहार करो।
चोरी ,लालच, क्रोध , कपटता,
पर हमसब आज प्रहार करें।

अपने अंदर के रावण का,
आओ हम सब दहन करें।
पुरुषोत्तम रामचन्द्र जी को,
आओ हम सब नमन करें।

सपना का बस यही है सपना,
सच्चाई की जीत सदा हो।
जन जन के हृदय में सदा ही,
करुणा ,प्रेम, दया की जय हो।

रचना
सपना (स०अ०)
प्रा ०वि ० उजीतीपुर
जनपद औरैया

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।