कोरोना से खुद को बचाते हुए कैसे बढ़ना है आगे?

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जिस प्रकार जिव्हा दांतों में खुद को बचाते हुए अपना सम्पूर्ण कार्य कुशलतापूर्वक करती है। उसी प्रकार हमें अपने-आप को चारों दिशाओं से कोरोना के चक्रव्यूह को भेदते हुए जीवनयापन करना होगा। तभी हम स्वयं को बचाने में सफल होंगे।      कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार द्वारा जो भी प्रयास किए गए वह अत्यंत सराहनीय थे। जिनके दूरगामी सकारात्मक परिणाम विश्व विश्लेषण एवं मूल्यांकन में स्पष्ट होंगे।      कोरोनाकाल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सरकारी कर्मियों की उल्लेखनीय क्रिया यह सामने आई है कि जो कार्य वर्षों में नहीं होते थे वह एक दिन में होने लगे हैं। जो कार्य कार्यालयों के चक्कर पर चक्कर लगाने पर भी घनचक्कर कर्मी नहीं करते थे। वे कार्य मोदी जी को पत्र लिखने मात्र से सम्पूर्ण हो रहे हैं।      कटु सत्य यह भी वर्णनीय है कि राजनैतिक मंत्रिमंडल तो परिवर्तित होते थे किन्तु सरकार के कार्यों में टस से मस का अंतर भी नहीं आता था। जो अंतर कोरोनाकाल में आ रहा है। जैसे कि अच्छे और बुरे अधिकारियों/कर्मचारियों की पहचान हो रही है। जिसके फलस्वरूप उन्हें दण्ड और प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। जिसका श्रेय निःसंदेह मोदी सरकार के कोरोना मंत्रीमंडल को जाता है। जिससे प्रशासन चुस्त और दुरुस्त होने के साथ-साथ जवाबदेह हो रहा है। जो राष्ट्र के स्वाभिमान एवं विकास सहित विश्व में आगे बढ़ने के शुभ संकेत हैं।

#इंदु भूषण बाली

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।