ज़िन्दगी एक पहेली

जीवन का “विवादास्पद” होना
सहनीय है
लेकिन “हास्यास्पद” होना…..

उत्थान और पतन
हास्य और रुदन
यही है जीवन

कलकलाती गंगा में भी
रेत को उड़ते देखा है।

ज़िन्दगी की कहानी को
क्षण भर में मुड़ते देखा है।।

ज़िन्दगी एक पहेली है ।
विश्वसनीय सहेली है।।

प्रेम- भाव उर में जगाकर तो देखो।
सखी को गले से लगाकर तो देखो।।

पल भर में मन से मन मिल जाएंगे।
मुरझाए हुए जीवन-सुमन खिल जाएंगे।।

मदमस्त मधुप आते हैं।
उजाड़ कर चले जाते हैं।।

जीवन के उपवन को सजाना पड़ता है।
खुशी का नया पौधा लगाना पड़ता है।।

आज नहीं तो कल ।
मिलेगा कर्म-फल।।

बिनु दीप जलाए , मिलता नहीं प्रकाश।
सत्कर्म करो, आगे बढो, रखो खुद पर विश्वास।।

ज्योति जलाकर जग को जगमगाना पड़ता है।
खुशी का नया पौधा लगाना पड़ता है।।

#सुनील चौरसिया ‘सावन’
अरूणाचल प्रदेश

   

matruadmin

Next Post

ओमप्रकाश क्षत्रिय ' प्रकाश ' क्रांतिधरा अंतरराष्ट्रीय साहित्य साधक सम्मान से सम्मानित

Thu Nov 21 , 2019
सुपरिचित बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ को साहित्य सृजन, हिन्दी के प्रचार-प्रसार एवं बालसहित्य उन्नयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए त्रिदिवसीय क्रान्तिधरा मेरठ साहित्यिक महाकुम्भ 2019 में आज दिनांक 20 नवम्बर 2019 को अंतरराष्ट्रीय हास्य कवि एवं शायर डॉ एजाज पॉपुलर मेरठी , श्री सरण घई ( कनाडा) , […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।