बापूजी

*****************
सत्य का उसने दीप जलाकर
असत्यपूर्ण अंधकार मिटाया,
सत्याग्रह की राह पर चलकर
भारत भूमि स्वतंत्र कराया।
लकुटी ही थी एक सहारा,
लकुटी को न कभी उठाया।
एक धोती लपेटे रहते,
सत्य का सिर पर ताज था।
तन था उनका साँवला,
अफ्रीकन का साथ दिया।
बाल्यकाल से दयावान थें,
हिंसक को भी माफ किया।
शत्रु पर न वार करो,
करना ही है प्यार करो।
बापूजी के वचन थें ऐसे
“दया-प्रेम के भाव धरो”।
क्यों न चारो भेद सहो
सत्याग्रह पर डटे रहो,
फिर ऐसा भी दिन आएगा
दिल से वह माफी माँगेगा,
तुम न अपना क्रोध धरो,
भ्रम में था वह माफ करो।
प्रकृति का नियम जान लो
करके क्षमा महान बनो,
पशु ही लेते हैं बदला
इंसान हो इंसान रहो।
#कीर्ति जायसवाल
इलाहाबाद

matruadmin

Next Post

जागरूकता

Tue Oct 30 , 2018
खरीदारी जब भी करो जागरूकता हो अपार गुणवत्ता परखना जरूरी कीमत न हो बेशुमार गारन्टी है या वारन्टी इसका भी ले लो प्रमाण जो कीमत की है अदा रसीद उसकी आपका अधिकार वस्तु खरीदी या खरीदी हो सेवा बेहतर हो यही सुखदेवा खामी कोई भी पाये जाने पर खामोश न […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।