
शत शत नमन है उस, मेरे देश के वीर सपूत को,
सारा देश रो रहा है उस, देश के अटल पूत को।
राजनीतिज्ञ कहूं या दार्शनिक, या कह दूं उसे कवि,
भारत देश के लिए था वो, एक चमकता हुआ रवि।
मरते मरते भी जिसने, ध्वज को ना झुकने दिया,
मौत पर पाई विजय, सांसो को ना रुकने दिया।
देश मे ध्वज फहर रहा, वो मौत से जूझ रहा था,
किसे मालूम था 16अगस्त, देश का दिया बुझ रहा था।
शत शत नमन है उन्हें, आज आसमां का सर ऊंचा है,
जमीं पर चमकता सितारा, आसमां में जा पहुँचा है…
#सुषमा मलिक
परिचय : सुषमा मलिक की जन्मतिथि-२३ अक्टूबर १९८१ तथा जन्म स्थान-रोहतक (हरियाणा)है। आपका निवास रोहतक में ही शास्त्री नगर में है। एम.सी.ए. तक शिक्षित सुषमा मलिक अपने कार्यक्षेत्र में विद्यालय में प्रयोगशाला सहायक और एक संस्थान में लेखापाल भी हैं। सामाजिक क्षेत्र में कम्प्यूटर प्रयोगशाला संघ की महिला प्रदेशाध्यक्ष हैं। लेखन विधा-कविता,लेख और ग़ज़ल है। विविध अखबार और पत्रिकाओ में आपकी लेखनी आती रहती है। उत्तर प्रदेश की साहित्यिक संस्था ने सम्मान दिया है। आपके लेखन का उद्देश्य-अपनी आवाज से जनता को जागरूक करना है।