चैन से जीना सीख लिया

0 0
Read Time1 Minute, 6 Second

rupesh jain

गले लगते दोस्त बोला क्या छोड़ दिया चैन से जीना सीख लिया

सारा दिन फेसबुक पर रहना छोड़ दिया चैन से जीना सीख लिया

व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी हर रोज नए पचड़े सर दर्द की नई दुकान

दिन भर पिंगों-फारवर्ड करना छोड़ दिया चैन से जीना सीख लिया

अब कहें क्या नया चलन चला है दीवाने फ़ुज़ूल वीडियो बनाने का

घडी-घडी यूट्यूब लोड करना छोड़ दिया चैन से जीना सीख लिया

सारे काम यूँही धरे रह गए बस इक फोटू का इन्तजार शामों-सहर

हमनें इंस्टाग्राम फॉलो करना छोड़ दिया चैन से जीना सीख लिया

घर बैठे न होता काम समस्या सुलझाने सड़क पे उतरना पड़ता हैं

‘राहत’ हमनें हैश टैग करना छोड़ दिया चैन से जीना सीख लिया

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

न भूलोगे शहीदों की शहादत को कसम खाओ .....

Wed Aug 8 , 2018
बचायें हम मिली जो उस अमानत को ,  कसम खाओ ….. न भूलोगे शहीदों की शहादत को , कसम खाओ ….. जन्म भू है हमारी ये , हमें दिल – जान से प्यारी ….. बचा लेंगे बचानी है मुहब्बत को , कसम खाओ ….. हमारा देश है आज़ाद , हम […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।