(1)देह का अंत आत्मा का सफर है अविरल (2)अंत समय छोड़ के उड़ जाती रही जो साथ (3)धार्मिक संत अवतरित हुवे अधर्म अंत […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
बेपनाह प्यार का मौसम चला गया तेरे साथ इंतज़ार का मौसम चला गया ======================= थाम लिया दामन-ए-मैकशी हमने इश्क के खुमार का मौसम चला गया ======================= ताल्लुकात तोड़ के चला गया तू जब शहर से बहार का मौसम चला गया ======================= कैसे करेंगे हम अब वो जुर्म-ए-खुशगवार तवाफ-ए-दर-ओ-दीवार का मौसम […]
