मुस्कुराने के फिर बहाने मिल गए दोस्त  मेरे  सब  पुराने  मिल  गए खुद को  ही  मैं  बहलाने  लगा हूँ मेरे लबों को वो तराने  मिल  गए सुना दो कभी वो दिलो की दास्तां यू लगा जैसे गुजरे जमाने मिल गए सूनी थी गलियां और मन था उदास ख्वाब आँखों को […]

कोई शिकवा नही कि तू हम को मिला नही। बिछङ के भी तुझसे अब कोई फासला नही। इज़्तिराब ऐ शौक हम से अब न पूछिये मेरी मोहब्बतों का मिला कोई सिला नही। बहार आई भी और आकर चली भी गई दिल मेरे का फूल ही बस खिला नही। पशेमाँ हैं […]

राम अब आ भी जाओ साथ मे रामराज्य लाओ यहां पर तो रावण राज है विकारी ही यहां सरताज है भ्र्ष्टाचार रूपी अंधेरा पसरा है भाई को भाई से ही खतरा है मां बेटियां तक सुरक्षित नही नेताओं की जबान की भी कीमत नही वे झूठ बोलकर वोट पा जाते […]

देखीके समय पर आवत बा रोआई , ए भाई बबुआ बनल बा कसाई , नौ महीना गरभ में रखनी , सहनी केतना दु:खवा हो , आस लगवनी मन मे आपन , पाइब एक दिन सुखवा हो , समय कईसन दिहलस भरमाई , ए माई बबुआ बनल बा कसाई , देखिके […]

                भाग – १ मछली आज उड़ना चाह रही है; मछली आज चलना चाह रही है। नीरस हो चुकी है वह इस समुद्र में रह-रह कर; ऐसा कतई नहीं पसंद नहीं उसे अपना देश; वह तो पूरी दुनिया घूमना चाह रही है। न […]

पुलवामा में शहीद हुए जो, हम कैसे उनका जिक्र करें..! यू लाल शहीद होते रहे, तो कौन इस देश की फिक्र करे..!! सपने थे मन मे संजोए हुए वो, देश के लिए दे गए कुर्बानी..! अंतर्मन मेरा रो उठता है, कैसे लिखूं उन वीरों की बलिदानी..!! फटा कलेजा माँ-बाप का, […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।