मेरी कहानी अद्भुत थी चारों ओर से पहाड़ों से घिरी थी, हवा जो चल रही थी वह भी कुछ गुनगुना रही थी, जैसे प्यारा के किस्से बुदबुदा रही हो, या संघर्ष का अध्याय खोली रही हो। मेरे पास बहुत कुछ नहीं था, महाभारत का अधूरा ज्ञान था रामायण की अल्प […]
काव्यभाषा
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