तुम्हारे प्यार का ऐसा है छाया रंग मुझपे, कि आता है नजर रंगीन ये सारा जहाँ, तुम्हारे रंग में अब मैं रंगारंग हो गया हूँँ, कि भाता है तेरा ही रंग मुझको हर जगह, तुम्हारे साथ जितने थे बिताये खुशनुमा पल, कि नाता है,रहेगा उम्र भर रंगीन यादों का यहाँ, […]

आओ खेलें रंग गुलाल। मन से त्यागें भरे मलाल।। रंगों का त्योहार है आया। हर दिल में है प्रेम जगाया।। नहीं किसी से बैर रखेगे। मन में हर दम धैर्य रखेगे।। रंग बिरंगी सजी है टोली। भरी उमंगों की ले झोली।। सभी एक सम दिखते है। रंग तराना सब लिखते […]

मेरा देश आज दो नामों में बँट गया है भारत और इण्डिया भारत पूर्वीय दैवीय गुणाच्छादित सभ्यता का प्रतीक और इण्डिया पाश्चात्य सभ्यता का. भारत इण्डिया के भार से दबा जा रहा है अधोपतन के गर्त में डुबाया जा रहा है. भारत की सात्विक संस्कृति की छाती पर इण्डिया की […]

छुट्टी के दिन छुट्टी जैसे नहीं होते उसी दिन कमबख्त सब काम होते छुट्टी के दिन ही मुहल्ले में आते हैं मलाई वाले, फेरीवाले, कबाड़ी वाले उनकी आवाज से ही टूटती है टूटे फूटे सामानों की भी नींद संगी साथी भी आते हैं मिलने पर होते वो भी जल्दी में […]

रंग जीवन के बने रहे खुशियां रहे अपार होली का त्यौहार है बधाई हो बारम्बार नशे व्यसन में फंसो नही  होली बदरंग करो नही राग,द्वेष भी त्याग दो सदभाव की सोगात दो रंग,गुलाल,अबीर उठाओ एक दूसरे को जरूर लगाओ प्रेम की नई रसधार बहे ऐसा तुम आगाज दो कृष्ण जैसा […]

* दोहा– याद करें प्रल्हाद को,भले भलाई प्रीत। तजें बुराई मानवी, यही होलिका रीत।। चौपाई– हे शिव सुत गौरी के नंदन। करूँ आपका नित अभिनंदन।।१ मातु शारदे वंदन गाता। भाव गीत कविता में आता।।२ भारत है अति देश विशाला। विविध धर्म संस्कृतियों वाला।।३ नित मनते त्यौहार अनोखे। मेल मिलाप,रिवाजें चोखे।।४ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।