. १ कड़वी सच्चाई कहूँ, कर लेना स्वीकार। फाग राग ढप चंग बिन, होली है बेकार।। . २ होली होनी थी हुई, कहँ पहले सी बात। त्यौहारों की रीत को,लगा बहुत आघात।। . ३ एक पूत होने लगे, बेटी मुश्किल एक। देवर भौजी है नहीं, कित साली की टेक।। . ४ साली भौजाई बिना, […]
काव्यभाषा
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