दो विपरीत दिशाओं में खींच मन खेलता है कशमकश का खेल. तुम तो, मुझमें समाये हो यह शाश्वत् सत्य बड़ी शांति देता है शक्ति प्रदान करता है कुछ भी कर बैठने का साहस प्रदान करता है रह गये थे जो अधूरे सुकर्म समय के आभाव में उन्हें पूरा करने की […]
काव्यभाषा
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