-गरम – गरम रोटी का  मायना तब पता पङा जब मां ओर घरवाली के साथ एक घंटा गेहूं साफ किये एक – एक कंकङ ओर डूंगली, भोडी ओर घुन रोटी का स्वाद बयां कर रहे थे अनथक मां ओर पत्नी की आंखे रोटी की मनुहार ओर स्नेह की कविता गा […]

चेहरे पे शिकन का साया होगा पुराना ज़ख्म उभर आया होगा मासूम चाँद पे  मातम छाया होगा आसमाँ ने जब रात बुझाया होगा चेहरा यूँ ही तो नहीं मुरझाया होगा जरूर वही किस्सा दोहराया होगा वो हुश्नजदा हैं लेकिन कातिल भी हमारे रकीब को भी  बुलाया होगा तारीफें सारी बटोर […]

” चंद्र-सी शीतल तेरी गोदी   बिंदु – सा लेटा हुआ हूँ मैं ।।   तेरे नाम पर लगा चंद्र बिंदु   अब समझ में आ गया माँ ।।” किससे  सुनूँ माँ ,आज फिर वो लोरी कैसा था चंदा मामा, कैसी थी चकोरी । तेरी याद में माँ ,आज आंखें […]

जब भी होने लगती है अंधेरों से दोस्ती, माँ खोलती है आंखें और उजाला बन जाता है l   कमाल का जादू है माँ तेरे इस आंचल में, छुप कर हर इन्सान इसमें बच्चा बन जाता है l   सजदे करते हैं सब लोग हमेशा खुदा के, माँ की जुबां का शब्द […]

लौट के फिर क्यों इसी गाँव चला आता है , छोड़ के शहर इसी गाँव चला आता है । अब तो इस गांव से पतझड़ कभी नहीं जाता , लेकर आँधी वो इसी गाँव चला आता है । धर्म , मजहब है और जाति का फसाद यहाँ , वक़्त बेवक्त […]

खंजर दिल में लेें चलें ,घूम रहा बेबात | कब मारे किसको पता,”माही” मानव तात ||१|| दिल में कितना दर्द है, नाप सके जो कोय | खुद भी एकाकार जो,मानव ऐसा होय ||२|| बेचारी की बेबसी,तनिक ठहरकर झाँक | बुरी नजर से क्यों रहा,दुर्नर उसको ताक ||३|| मनु तेरी यहाँ सद्गति,तब […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।