पल पल तरसते थे, उस पल के लिए। वो पल ही रुका, कुछ पल के लिए। सोचा था उसे जिंदगी का, हसीन सपना बना लेंगे। पर क्या करे वो पल ही, रुका कुछ पल के लिए।। प्यार तो हर कोई करता है। क्या प्यारको कोई समझता है। तीन अक्षर का […]

ज्ञान, ध्यान, आसन्न का सब धर्मों में है विधान अपनी अपनी पद्दति से याद,पूजा,इबादत, अरदास प्रभु,अल्लाह, गॉड,गुरुग्रन्थ सन्तान उन्ही की हमसब है रक्त सभी का लाल लाल मतमतान्तर क्यों परस्पर है बुराई बुराई में भेद नही एक साथ सब छोडो अभी सदगुण भी सब धारण करो अच्छे इंसान बनो अभी। […]

रास्ता तुम्हीं हो और तुम्हीं हो मेरा सफ़र, वास्ता तुम्हारा है हर घड़ी और हर पहर, तुम ही मेरे जीवन की सबसे मजबूत कड़ी, तुम ही मुश्किलों में सिर्फ मेरे साथ खड़ी, मुझको धूप से बचाने बनके आती छांव हो, तुम ही मेरा शहर और तुम ही मेरा गाँव हो, […]

भारत की इस धरा पर बसते वीरान गांव। झोपड़ी में रहते है न मिलता इनको छांव। बंजर सी जमीन यहाँ पर न कोई हरियाली, भेड़,बकरी तरसे खाने को न कोई खुशहाली। कच्ची मिट्टी,सौंधी खुशबू खुश रहते है लोग, न कूलर,ए.सी.की जरूरत न होता कोई रोग। चलदी पनघट पानी भरने शीश […]

यूँ तो हर रोज कई चेहरों का, वखान होता है कोई एक होता है जिसका दिल में, स्थान होता है। नाजुक सा दिल बडा विशाल होता है दिल में बसने वालो का हर दर्द का आभास होता है यूँ तो हर रोज ▪▪▪▪▪▪▪▪ आँखो के रास्ते ही दिल के दरवाजे […]

एक एक बूंद है कीमती इसी में जीवन जान जल बिना जीवन नही यह ईश्वर का वरदान जहां जल का संकट है वही है जल की पूछ जहां जल बहुतायत में वहां जल बर्बादी बहुत जल की एक एक बूंद को आओ बचाने का ले संकल्प जहां भी व्यर्थ बहता […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।