न जाने क्यूँ मैं अक्सर ही भटक जाता हूँ उसकी आँखों में कोई तो जंगल रहता है और फिर मैं भटकता नहीं तो क्या करता उन आँखों में भरा-भरा काजल रहता है जब भी आईना देखते होंगे, वो सोचते होंगे इन आँखों में न जाने कौन पागल रहता है मैं […]

कभी कभी ये दिल, बहुत उदास होता है। पर जब भी याद, आप की आती है । तो खुशी से दिल, मेरा झूम उठता है। ऐसा क्या है आपमे ? जो इस नचीज के, दिलको बहुत भाता है।। मेरी तन्हाईयाँ मुझ से, ये ही पूछती है । क्यो तुम किसी […]

कर दिया जब सभी ने पराया हमें| थाम कर आपने तब निभाया हमें|| दर्द से दोस्ती हो गयी थी सुरू- बेवजह आपने गुदगुदाया हमें| अश्क भी हो गये मौन अब रूठकर- प्यार में आपने यूँ रुलाया हमें| मयकशी की न तहज़ीब थी साथियों- दर्देदिल ने श़राबी बनाया हमें| शूल की […]

एक पीएम ने बना दिये सांसद ऐसे तमाम जिनको लेकर थी जनता इलाके में अनजान जो पांच साल नजर न आये उनको भी मिल गया मेंडेट वाह मोदी जी मान गए तुम्हारा मैजिक अपडेट ईवीएम भी तुम्हारी लगती गजब पिटारा हर चुनाव में बन रही तुम्हारी जीत का सहारा विपक्ष […]

कितने सालों बाद दिखे हो,, चेहरा कितना बदल गया,, इलैक्शन में इश्क़ फिर से,, मेरा जवान हो गया,, वोट डालने आई थी वो,, जिसकी अदा निराली थी,, जिसके इश्क़ के किस्सों की, कुछ बातें बड़ी पुरानी थी,, उसी दिवानी की उंगली पर,, स्याही का निशाऩ हो गया,, इलैक्शन में इश्क़ […]

जज़्बातों को छेडो़ मत, ज़ख्मों को कुरेदो मत जिन्दगी ये कुछ नहीं, टूटे हुए ख्वाब है मौन रह सब सहा, पग-पग दर्द रहा काँटों-सा ही चुभते ही, यहाँ पे गुलाब हैं नित नये दिखे रुख, समझ ना आये कुछ जिन्दगी न देती कभी, प्रश्नों का जवाब है अंधेरों से आ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।