हम खुशी के खुमार में रहते हैं हर पल तुम्हारे इंतजार में रहते हैं गज़ल कभी शायरी जिंदगी हमारी खोए हुए इक तुम्हारे प्यार में रहते हैं झूठ हमारी फितरत में बिल्कुल नहीं हम है कि,सच्चे किरदार में रहते हैं नेता नहीं ना अभिनेता कोई हम फिर भी चर्चे हमारे […]

चूहा हो गया दसवीं में फेल पापा जी को भेजा ईमेल। खत्म कर रहा ,जीवन का खेल सामने है कढ़ाही भरा है तेल । पिता– बेटा मत करो ऐसी बात घर आ जाओ हो गई है रात । कुंवारी बहने घर में हैं सात आने वाली है जिनकी बारात। चूहा– […]

जीवन मे उगा बबूल गये है लोग जिना ही अब जैसे भूल गये है लोग अमन प्यार वफा सब है बस नाम के बात बात पर चला त्रिशूल गये है लोग। भिड है झूंड है पर इंसान एक नही खूदगर्जी मे खूद ही को भूल गये है लोग। जात धर्म […]

बहुत दिनों के बाद आज फिर, लिखने का मन करता है। जीत हार की बाते करतें, अब भी मन डर छलता है। जीत नहीं यह मोदी की है, न हीं कमल निसान की। देश विदेशी गत घावों को, मत का मल्हम भरता है। .           ✍✍ जीत किसी की नहीं जीत […]

हमसे हमारे ख्वाब न छिन काँटों भरी गुलाब न छिन । जिंदा तो हूँ गफलत में सही यादों की ये सैलाब न छिन । बेहद सुकून से रहते हैं यहाँ सुखे फूलों से किताब न छिन । कुछ तो रहम कर मेरे खुदा मेरे हिस्से की अज़ाब न छिन । […]

आज फिर एक हादसा सुरक्षा कवच कहाँ जिम्मेदार कौन है? भीषण आग भयानक तस्वीर तक्षशिला परिसर कहाँ अग्निनमन तैयार तैयारी होती अक्सर बेकार बाद में जागरूकता अभियान क्या बचा लायेंगे जान क्यो? आखिर क्यों ! सभी सुरक्षा के मानक धरे रह जाते यहाँ जिनके चिराग जलने से पहले ही बुझ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।