हे भारत माता तेरा अभिनन्दन तेरी मिट्टी का कण-कण चन्दन चाहूँ तेरे चप्पे-चप्पे में हो उजियारा दूध-दही की बहती रहे सदा नदी धारा यहाँ के नेताओं को मिले सद्बुद्धि विधर्मियों की हो जाये बस शुद्धि कोई जन न कर पाये कभी क्रंदन हे भारत माता तेरा अभिनन्दन आतंकवाद-नक्सलवाद मिट जाये […]

राजनीति बहुत हो गई अब हो दलगत भेद विराम जनता एकटक निहार रही उनकी सुध लो अविराम विकास के मुद्दे पर दे दिल खोलकर सहयोग अगर चले गलत कोई विरोध भी हो पुरजोर शुभकामनाएं मेरी ओर से नवगठित सरकार को अपेक्षाओ पर उतरो खरे जोर लगा दो परोपकार को। #श्रीगोपाल […]

रात की रात से बात होती रही दिन शामियाने में बदन धोता रहा हो गया मुल्क सारा ख़ूनम-खून और सब नियम-कानून सोता रहा दूजे की पोशक में जिस्म लपेट के सरे-शाम अपना वजूद खोता रहा बच्चे भूखे से बिलबिलाकर मरते रहे और धर्म पर विचार-विमर्श होता रहा आज़ादी हर साल […]

स्नेह प्यार से ही हम, जीवन को जीते हैं। तभी तो हर हाल में, हम खुश रहते हैं। देखा नही कभी भी, किसी की ऊंचाइयों की तरफ। स्वंय की योग्यता के अनुसार, अपना जीवन को जीते हैं।। न ही करता हूँ किसी से, भी कोई होड़ा होड़ी। स्वंय को देखकर […]

इक्कीसवीं सदी के जननायक बुलंदियो के मार्गदर्शक बधाई है आपको दुबारा भारत के प्रधानमंत्री बनने की। आपमें वो कला है स्थिति बदलने की क्रंदन करते दीन दुखियों असमानता से जकड़े इस समाज को समानता की राह दिखाने की। सबका विकास हो सबको शिक्षा आवास स्वच्छता से अच्छे स्वास्थ्य हो जागरूकता […]

शत शत नमन  साहित्य की सम्मान, महियसी महादेवी अर्थ ही महान छब्बीस मार्च उन्नीस सौ सात हुआ जनम पीढ़ियों  बाद कुटुम्ब में बेटी का आगमन   गोविंद  हेमरानी  की  लाडो सन्तान महियसी महादेवी नाम का अर्थ महान, कर्म पथ  सतत चली ले मन वैराग मानवता मशालले प्रेम अनुराग ठाकुर जी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।