फूल कितना सुंदर है। पर तुमसे सुंदर नही। फूल देख मुस्करा देते है। बिना फूल के तुम्हारी, मुस्कान का जबाव नही।। देख कर गुलदस्ता लोग, अपने इरादे बदल लेते है। पर तुम जो हो इंसान की, पहचाना उसके शब्दो से करती हो। तभी तो सदा हँसती रहती हो। और सामने […]

राह भटके मीडिया को सन्मार्ग पर लाना होगा आध्यात्म से जोड़कर स्वपरिवर्तन करना होगा सामाजिक रूपांतरण की नई मुहिम शुरू करनी होगी मीडिया के माध्यम से अब चरित्र निर्माण करनी होगी आबू की पावन धरती निमित्त इसके बन रही लोकतंत्र के चतुर्थ स्तम्भ की नीव यहां मजबूत हो रही इस […]

“मुखिया जी को बुलाओ पहले…” एक सेवादार चिल्लाया “इसमें मुखिया जी का क्या काम है?” दूसरे ने तरमीम किया। “वसीयत से लेकर संदूक की चाभी तक सब तो उनके पास ही है उनके बिना आखिर करोगे क्या?” पहले ने अपने छठवीं ज्ञानेन्द्री पर जोर डालते हुए दूसरे को बिस्वास में […]

प्यार में सुध-बुध खो बैठी इस कदर दिवानी हुई मेरे प्यार की कहानी तो अब सबकी जुबानी हुई। मैं तो तूझ में समायी हुई प्रेम की सागर में गोते लगाती हुई तेरे प्यार में सुध बुध खो बैठी इस कदर दिवानी हुई मेरे प्यार की कहानी तो अब सबकी जुबानी […]

पावन धरा माउंटआबू में योग की खुशबू महक रही हर किसी के चेहरे पर तेज है रूहानियत जैसे चहक रही परमात्मा की याद में रहकर हर कोई यहां प्रफुल्लित है बिना स्वार्थ की हंडिया में दाल शांति की जो पक रही विकारो को नष्ट करने की यह बड़ी तपस्या स्थली […]

मेरी उम्मीदों पर खरा उतरेगा न ? मुझसे बिछड़ कर तू बिखरेगा न ? जुदा हो कर मरना जरूरी नहीं है मगर जिंदा रहना तुझे अखरेगा न ? न याद करना कभी,न आसूँ बहाना हाँ,पर चाँद रात को आहें भरेगा न ? कोई इल्जाम तुझ पर न आने दूँगा तू […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।